उत्तर प्रदेश शासन
श्रम अनुभाग-2
संख्या-07/2026/।/1441674/2026-1925963
लखनऊ, ददनांक : 24-08-2026
दनयुक्ति/ दिज्ञक्ति
श्री दिजेश कु मार (एच0जे0एस0), सेिादनिृत्त प्रधान न्यायाधीश, पाररिाररक न्यायालय को
श्रम न्यायालय में पीठासीन अदधकारी के पद पर उनके काययभार ग्रहण करने की दिदि से िीन िर्य
अििा 65 िर्य की आय ु प्राप् ि होन,े जो भी पहले घदिि हो, िक के दलए दनयुक् ि करने ििा
पीठासीन अदधकारी, श्रम...
उत्तर प्रदेश शासन श्रम अनुभाग-2 संख्या-07/2026/।/1441674/2026-1925963 लखनऊ, ददनांक : 24-08-2026 दनयुक्ति/ दिज्ञक्ति श्री दिजेश कु मार (एच0जे0एस0), सेिादनिृत्त प्रधान न्यायाधीश, पाररिाररक न्यायालय को श्रम न्यायालय में पीठासीन अदधकारी के पद पर उनके काययभार ग्रहण करने की दिदि से िीन िर्य अििा 65 िर्य की आय ु प्राप् ि होन,े जो भी पहले घदिि हो, िक के दलए दनयुक् ि करने ििा पीठासीन अदधकारी, श्रम न्यायालय(1), गादजयाबाद के पद पर िैनाि करने की श्री राज्य पाल महोदया सहर्य स् िीकृ दि प्रदान करिी हैं।
2. श्री दिजेश कु मार की दनयुक्ति/सेिायें उत्तर प्रदेश औद्योदगक दििाद अदधदनयम, 1947 (अदधदनयम संख्य ा-28 सन् 1947), के सुसंगि प्रादिधानो ं ििा उत्तर प्रदेश श्रम न् यायालय एिं औद्योदगक न् यायादधकरणो ं के पीठासीन अदधकारी (दनयुक्ति एिं दनयोजन की शिें) दनयमािली, 1996 ििा इसमें समय-समय पर दकये गये संशोधनो ंमें दनदहि प्रादिधानो ंके अन्तगयि होगी। डॉ0एम0के 0 शन्मुगा सुन्दरम् प्रमुख सदचि संख्या एिं ददनांक िदैि, प्रदिदलदप दनम् नदलक्तखि को सूचनािय एिं आिश् यक काययिाही हेिु प्रेदर्ि:- 1- दिभागाध् यक्ष, औद्योदगक न् यायादधकरण एिं श्रम न् यायालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 2- श्रमायुक्ि , उत्तर प्रदेश, कानपुर। 3- मण् डलायुक्ि , मेरठ। 4- दजलादधकारी, गादजयाबाद। 5- महालेखाकार, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 6- संयुि रदजस्ट्रार (ज्यूदडदशयल)(सदियसेज), मा0 उच् च न् यायालय, इलाहाबाद । 7- रदजस्ि रार, औद्योदगक न् यायादधकरण एिं श्रम न् यायालय, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज । 8- श्रम न्यायालय(1), गादजयाबाद। 9- संबंदधि कोर्ादधकारी। 10- संबंदधि अदधकारी को इस अभ्युक्ति के साि दक िे अपनी िैनािी के स्थान पर आदेश प्राि होने के ददनांक से 15 ददन के भीिर काययभार ग्रहण करने का कष्ट करें यदद उनके द्वारा उि अिदध में काययभार ग्रहण नही ंदकया जािा है िो यह समझा जायेगा दक िे उि पद पर काययभार ग्रहण करने के इच्छुक नही ंहै और उनकी दनयुक्ति को दनरस्त करने की कायिय ाही की जायेगी। 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत् यापपत की जा सकती है ।11- संयुि दनदेशक, मुद्रण एिं लेखन सामग्री, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को गजि के आगामी अकं में प्रकाशनािय। 12- समस्त अनुभाग, श्रम दिभाग। 13- गाडय फाइल। आज्ञा से अिनीन्द्र कु मार शुक्ल संयुि सदचि 1- यह शासनादेश इलेक्ट्राननकली जारी ककया गया है, अत: इस पर हस्त ाक्षर की आवश्य कता नही है । 2- इस शासनादेश की प्रमाणिकता वबे साइट http://shasanadesh.up.gov.in से सत् यापपत की जा सकती है ।